भारत की तीन खेती ऋतुएँ — खरीफ, रबी और जैद — यह तय करती हैं कि प्रत्येक बीज को कब जमीन में डालना चाहिए। एक सप्ताह जल्दी या देर से बोने से पूरी फसल बर्बाद हो सकती है, क्योंकि बीज नमी, तापमान और दिन की लंबाई पर निर्भर करते हैं। यह कैलेंडर भारतीय बोनी की खिड़की, कटाई के महीनों और उन क्षेत्रों का एक व्यावहारिक, फसल-दर-फसल गाइड है जहाँ प्रत्येक फसल सबसे अच्छी عملکرد देती है。
इसका उपयोग हमारे फसल गाइड और नीचे दिए गए हर टेबल में लिंक्Individual फसल पृष्ठों के साथ करें।
तीन बोनी ऋतुएँ
| ऋतु | बोनी का समय | कटाई का समय | मुख्य फसलें |
|---|---|---|---|
| खरीफ (मानसून) | जून – जुलाई | सितंबर – अक्टूबर | चावल, मक्का, बाजरा, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, मूंग, उड़द, अरहर, भिंडी, बैंगन, मिर्च, लौकी |
| रबी (शीत ऋतु) | अक्टूबर – दिसंबर | फरवरी – अप्रैल | गेहूं, जौ, सरसों, चना, मटर, जीरा, धनिया, मेथी, प्याज, लहसुन, आलू, गोलगब्बूज, पत्ता गोभी, गाजर, मूली, चुकंदर |
| जैद (ग्रीष्म) | मार्च – अप्रैल | मई – जून | तारबूज, खरबूजा, खीरा, कद्दू, हरा मक्का, चारा फसलें |
मानसून-निर्भर खरीफ बोनी जून से बारिश के साथ शुरू होती है; रबी की बोनी अक्टूबर में खरीफ की खेतों की सफाई के बाद शुरू होती है; जैद इन दोनों के बीच के अंतराल को भरती है, शेष नमी और सिंचाई का उपयोग करके।
खरीफ फसलें (जून – जुलाई बोएं, सितंबर – अक्टूबर काटें)
| फसल | उत्तम बोनी का समय | कटाई | प्रमुख उत्पादन राज्य |
|---|---|---|---|
| चावल (धान) | जून – जुलाई | सितंबर – अक्टूबर | पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, तेलेंगाना, छत्तीसगढ़ |
| मक्का | जून – जुलाई की शुरुआत | सितंबर – अक्टूबर | कर्नाटक, एमपी, बिहार, राजस्थान, गुजरात |
| बाजरा | जून – जुलाई | सितंबर – अक्टूबर | राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश |
| सोयाबीन | मध्य जून – जुलाई | अक्टूबर – नवंबर | मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान |
| मूंगफली | जून – जुलाई | सितंबर – अक्टूबर | गुजरात, राजस्थान, तेलेंगाना |
| कपास | मई – जून | अक्टूबर – दिसंबर | गुजरात, महाराष्ट्र, तेलेंगाना, पंजाब |
| तिल | जून – जुलाई | सितंबर – अक्टूबर | राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, एमपी |
| मूंग | जून – जुलाई | सितंबर – अक्टूबर | राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक |
| उड़द | जून – जुलाई | अक्टूबर – नवंबर | आंध्र प्रदेश, तेलेंगाना, एमपी, तमिलनाडु |
| अरहर | june – जुलाई की शुरुआत | दिसंबर – मार्च | महाराष्ट्र, कर्नाटक, एमपी, उत्तर प्रदेश |
| भिंडी | जून – जुलाई | अगस्त – अक्टूबर | गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश |
| बैंगन | june – जुलाई | सितंबर – दिसंबर | पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, कर्नाटक |
| मिर्च | June – july | सितंबर – दिसंबर | आंध्र प्रदेश, तेलेंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र |
| कद्दू, तुरई, लौकी, कद्दू | june – july | अगस्त – सितंबर | लगभग सभी राज्य |
उच्च उपज के लिए खरीफ बीज विकल्प: हाइब्रिड मक्का के बीज, तिल के बीज, मूंग के बीज, उड़द के बीज, बैंगन के बीज, मिर्च के बीज और भिंडी के बीज।
रबी फसलें (अक्टूबर – दिसंबर बोएं, फरवरी – अप्रैल काटें)
| फसल | उत्तम बोनी का समय | कटाई | प्रमुख उत्पादन राज्य |
|---|---|---|---|
| गेहूं | अक्टूबर – नवंबर (उत्तर में बाद का अक्टूबर आदर्श) | मार्च – अप्रैल | उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, एमपी, राजस्थान |
| जौ | अक्टूबर – नवंबर | मार्च – अप्रैल | राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा |
| सरसों | अक्टूबर – नवंबर | फरवरी – मार्च | राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल |
| चना | अक्टूबर – नवंबर | फरवरी – अप्रैल | एमपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक |
| मटर | अक्टूबर – नवंबर | जनवरी – मार्च | उत्तर प्रदेश, पंजाब, एमपी, हिमाचल |
| जीरा | अक्टूबर – नवंबर | फरवरी – मार्च | गुजरात, राजस्थान |
| धनिया | अक्टूबर – नवंबर | फरवरी – अप्रैल | राजस्थान, एमपी, गुजरात |
| मेथी | अक्टूबर – नवंबर | जनवरी – मार्च (पत्ते), मार्च – अप्रैल (बीज) | राजस्थान, एमपी, गुजरात |
| प्याज | अक्टूबर – नवंबर (पौधा रोपण) | मार्च – मई | महाराष्ट्र, कर्नाटक, एमपी, गुजरात |
| लहसुन | अक्टूबर – नवंबर | अप्रैल – मई | एमपी, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश |
| आलू | अक्टूबर – नवंबर | जनवरी – मार्च | उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, पंजाब |
| गोलगब्बूज | सितंबर – अक्टूबर (nurseries), 25–30 दिन में रोपें | नवंबर – फरवरी | उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक |
| पत्ता गोभी | सितंबर – अक्टूबर (nurseries), 30–35 दिन में रोपें | दिसंबर – मार्च | उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब |
| गाजर, मूली, चुकंदर, पालक | अक्टूबर – नवंबर | जनवरी – मार्च | उत्तर भारत के मैदान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश |
रबी बीज विकल्प: गोलगब्बूज के बीज, पत्ता गोभी के बीज, जीरा के बीज, धनिया के बीज, मेथी के बीज, सरसों के बीज, गेहूं के बीज और प्याज के बीज।
जैद / ग्रीष्म फसलें (मार्च – अप्रैल बोएं, मई – जून काटें)
| फसल | उत्तम बोनी का समय | कटाई | नोट्स |
|---|---|---|---|
| तारबूज | जनवरी – फरवरी | अप्रैल – जून | गर्म, बिना जमी हुए मौसम और हल्की मिट्टी चाहिए |
| खरबूजा | फरवरी – मार्च | मई – जून | पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय |
| खीरा | मार्च – अप्रैल | मई – जुलाई | जल्दी और देर की बुआई दोनों काम करती हैं |
| कद्दू | मार्च – अप्रैल | मई – जुलाई | गर्म और आर्द्र मौसम में अच्छी बढ़ती है |
| हरा मक्का (मीठा मक्का) | मार्च – अप्रैल | जून – जुलाई | ताज़ा बाजार वाले मक्के की मांग बढ़ रही है |
| चारा फसलें | मार्च – अप्रैल | जून – जुलाई | बहु-कटी किस्में कई बार कटाई देती हैं |
जैद बीज विकल्प: खीरे के बीज, कद्दू के बीज और तारबूज के बीज।
माहवार त्वरित गाइड
- जनवरी: सरसों और जल्दी चने की कटाई; दक्षिण भारत में ग्रीष्म सब्जी nurseries की योजना बनाएं।
- फरवरी: पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में तारबूज और खरबूजे की बोनी; रबी गेहूं दाना भरने की स्थिति में प्रवेश करता है।
- मार्च: जैद बोनी की चोटी — ग्रीष्म कद्दू, हरा मक्का, चारा। रबी गेहूं और चने की कटाई शुरू।
- अप्रैल: मैदानों में ग्रीष्म सब्जियों की रोपण; खरीफ nurseries तैयार करें (बैंगन, मिर्च)।
- मई: रबी कटाई जारी; आने वाले मानसून के लिए भूमि तैयारी।
- जून: खरीफ बोनी मानसून की शुरुआत के साथ शुरू — धान का nursery, मक्का, दलहन, कपास, मूंगफली।
- जुलाई: खरीफ बोनी की चोटी — तिल, मूंग, उड़द, सोयाबीन, भिंडी, कद्दू, अरहर।
- अगस्त: देर की खरीफ दलहन; गोलगब्बूज और पत्ता गोभी के लिए रबी nurseries शुरू करें。
- सितंबर: खरीफ फसलें खिलती और दানা भरती हैं; जल्दी खरीफ मक्के की कटाई शुरू; उत्तर में गोलगब्बूज/पत्ता गोभी का रोपण。
- अक्टूबर: खरीफ कटाई जोर शोर से; रबी बोनी शुरू — सरसों, जीरा, धनिया, चना, दक्षिण में देर का गेहूं。
- नवंबर: रबी बोनी की चोटी — गेहूं, सरसों, चना, मटर, प्याज, लहसुन, आलू, गोलगब्बूज, पत्ता गोभी。
- दिसंबर: देर की रबी बोनी और रोपण; दक्षिण भारत में शीतकालीन सब्जियों की रोपण。
क्षेत्र-वार बोनी नोट्स
उत्तर भारत (पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, एमपी): तीव्र दो-ऋतु लय — खरीफ (धान, मक्का, बाजरा, दलहन) के बाद गेहूं, सरसों, चना और आलू की बड़ी रबी बटाई।
दक्षिण भारत (आंध्र प्रदेश, तेलेंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु): मानसून जल्दी पहुंचता है; खरीफ मुख्य ऋतु है और रबी हल्की है। सब्जी और दलहन की खेती सर्दियों में लंबी चलती है。
पूर्वी भारत (पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, बिहार): खरीफ में चावल प्रमुख है; आलू, सरसों और सब्जियों के साथ मजबूत रबी आती है。
पश्चिमी भारत (महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान): कपास, मूंगफली और बाजरे की वर्षा-निर्भर खरीफ; गुजरात की जीरा, सरसों और गेहूं की रबी विश्वस्तरीय है。
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में बीज बोने का सर्वोत्तम महीना कौन सा है?
यह ऋतु पर निर्भर करता है:खरीफ फसलें मानसून के साथ जून–जुलाई में बोई जाती हैं, रबी फसलें अक्टूबर–दिसंबर में, और जैद (ग्रीष्म) फसलें मार्च–अप्रैल में। किसी एक महीने के बजाय फसल को उसकी ऋतु के अनुसार मिलाएं。
रबी ऋतु में कौन सी फसलें बोई जाती हैं?
गेहूं, जौ, सरसों, चना, मटर, जीरा, धनिया, मेथी, प्याज, लहसुन, आलू, गोलगब्बूज, पत्ता गोभी, गाजर, मूली और चुकंदर प्रमुख रबी फसलें हैं,जो अक्टूबर–दिसंबर में बोई जाती हैं और फरवरी–अप्रैल में काटी जाती हैं。
खरीफ और रबी फसलों में क्या अंतर है?
खरीफ फसलें मानसून की शुरुआत (जून–जुलाई) में बोई जाती हैं और सरसकाल में काटी जाती हैं,जबकि रबी फसलें मानसून के बाद (अक्टूबर–दिसंबर) बोई जाती हैं और वसंत में काटी जाती हैं。खरीफ वर्षा पर निर्भर है;रबी में ज्यादातर सिंचाई या शेष मिट्टी की नमी की आवश्यकता होती है。
क्या मैं अगस्त में गोलगब्बूज बो सकता हूं?
जल्दी किस्मों को अगस्त में बोकर जल्दी रबी फसल प्राप्त की जा सकती है,लेकिन अधिकांश भारत में मुख्य रबी गोलगब्बूज फसल के लिए सितंबर–अक्टूबर आदर्श nursery खिड़की है。
प्याज के बीज कब बोने चाहिए?
मुख्य रबी प्याज फसल के लिए,पौधे अक्टूबर–नवंबर में उगाएं और 6–8 सप्ताह में रोपें。खरीफ और देर की खरीफ प्याज फसलें क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग समय में बोई जाती हैं。
कौन सी ग्रीष्म (जैद) फसलें सबसे तेज रिटर्न देती हैं?
खीरा, कद्दू, तारबूज, खरबूजा और हरा मक्का क्लासिक जैद फसलें हैं — मार्च–अप्रैल में बोई जाती हैं और मई से काटी जाती हैं,जब सब्जी की कीमतें आमतौर पर अधिक होती हैं。
ऋतुएँ जिलाओं के अनुसार एक दो सप्ताह बदल सकती हैं। बड़े पैमाने पर रोपण से पहले हमेशा अपने राज्य कृषि विभाग या क्षेत्रीय सलाहकार से स्थानीय बोनी की खिड़की की पुष्टि करें。
